Sensing that constitutional measures like protests and strikes would be futile , some students took the law into their own hands . Professor Oaten was beaten black and blue . इस बार यह महसूस करके कि विरोध-प्रदर्शन या हड़ताल जैसे वैधानिक प्रतिकार व्यर्थ रहेंगे , कुछ छात्रों ने कानून अपने हाथ में ले लिया और प्रोफेसर ओटेन की जमकर ठुकाई कर दी .